माँ हर पल तेरी कमी महसूस करती हूँ...
सर में हाथ फेर माँ
अब प्यार से सहलाती नही
माँ सपनों में आकर
अपना आशीर्वाद देने आती रही
🙏माँ🙏
हर पल तेरी कमी महसूस करती हूँ...
निस्वार्थ माँ की दुआ जैसी
दुआ अब कही से आती नही
आज स्वार्थ के लिए दुनिया
प्यार जताने आती रही
🙏माँ🙏
हर पल तेरी कमी महसूस करती हूँ...
मेरे हर कष्टों को भी
स्वयं सह दर्द दिखाती नही
हर दर्द में मुझे हर पल
माँ की याद आती रही
🙏माँ🙏
हर पल तेरी कमी महसूस करती हूँ...
मुझे हंसाने के लिए
ग़म अपने छुपाती रही
मेरे चेहरे की खिलखिलाहट भी
माँ को भूल पाती नही
🙏माँ🙏
हर पल तेरी कमी महसूस करती हूँ
हर बार हाल चाल जो पूछे
ऐसी आवाज़ सुनाई आती नही
जीवन के हर मोड़ पर
माँ की आवाज़ तरसाती रही
🙏माँ🙏
हर पल तेरी कमी महसूस करती हूँ...
काश, मेरे पास भी माँ होती!



No comments:
Post a Comment