ज़िम्मेदारियाँ छोड़ के सारे खेल कूद को जिम्दारियों ने घेर लिया.. संग सहेली घूमने की उम्र में चौका चूल्हा पकड़ लिया.. रख तख्ती कलम दवात नीचे कड़छी कढ़ाई को चुन लिया.. वो नारी ही होती है 'मस्तानी' जिसने छोड़ खुद को परिवार चुन लिया..! - मस्तानी
समाज की दशा का उचित वर्णन👌
ReplyDeleteबहुत बहुत शुक्रिया बहन 🙂🙏🍫
ReplyDeleteजय हो नारी शक्ति कि
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